साहित्यकारों का फिल्मों में योगदान: विदेशी साहित्यकार
[पिछ्ले भागों ( भाग - 1 , भाग-2 , भाग - 3) में हम जान चुके हैं कि कैसे संस्कृत कृतियों , हिन्दी कथाकारों की कृतियों और क्षेत्रीय भाषा की कृतियों पर भारतीय फिल्में बनती रही हैं,अब जानते हैं किस प्रकार विदेशी साहित्यकारों की कृतियों पर भारतीय फिल्में बनायी गयी। ऐसी फिल्मों की एक लंबी [...]
भारतीय साहित्यकारों का फिल्मों में योगदान: हिन्दी कथाकार
[पिछ्ले भाग में आपने पढ़ा कि किस प्रकार साहित्य का हिन्दी फिल्मों में योगदान रहा है। संस्कृत कथाकारों की बहुत सी कालजयी कृतियों पर अनेकों फिल्में बन चुकी हैं। यही बात हिन्दी कथाकारों पर भी लागू होती है। इस भाग में जानते हैं उन फिल्मों के बारे में को किसी हिन्दी साहत्यिक कृति पर बनी।] [...]
भारतीय साहित्यकारों का फिल्मों में योगदान
[भारतीय सिनेमा के इतिहास में साहित्य का एक अलग ही स्थान रहा है। एक समय ऐसा था जब साहित्यकारों की कृतियों को न केवल आदर सम्मान व रूचि के साथ पढ़ा जाता था वरन उनको आत्मसात करने के प्रयास भी किये जाते थे। उसी दौरान बहुत सी साहित्यिक कृतियों पर फिल्में बनी...किन्तु आज के इस [...]




